प्रेस विज्ञप्ति
‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ने सरपंच-सचिव सम्मेलन में किया साइबर सुरक्षा का आह्वान, जनप्रतिनिधियों से गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाने की अपील
पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार संचालित प्रदेशव्यापी ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज थाना कुसमी परिसर में सरपंच एवं ग्राम पंचायत सचिवों का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी (IPS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रत्येक गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना तथा ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का संचालन थाना प्रभारी कुसमी निरीक्षक अरुणा द्विवेदी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने उपस्थित सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नवीन तरीकों की विस्तार से जानकारी देते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी केवाईसी अपडेट, ओटीपी एवं बैंकिंग जानकारी साझा करने के जोखिम, यूपीआई एवं क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी निवेश योजनाओं तथा महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने ग्रामों में नियमित रूप से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध लगातार नए स्वरूप में सामने आ रहे हैं, इसलिए इनके विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार जागरूकता ही है। उन्होंने सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों से आह्वान किया कि वे अपने ग्रामों में साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप दें तथा प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सही जानकारी लोगों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान से बचा सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर भी बल दिया तथा कहा कि इससे अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ अपराधियों की पहचान एवं जांच में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड या लालच देने वाले ऑनलाइन प्रस्ताव पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंक खाता अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर की गई शिकायत से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सम्मेलन में उपस्थित सभी सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने-अपने ग्रामों में साइबर जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के उपायों से अवगत कराने का संकल्प लिया।





