​– प्रेस विज्ञप्ति —

​’सेफ क्लिक 2.0′ अभियान का वृहद विस्तार: सीधी पुलिस ने चौकों, बाजारों और ग्राम पंचायतों में चलाया थानवार विशेष साइबर जागरूकता अभियान
​आमजन को डिजिटल व वित्तीय ठगी से सुरक्षित रहने के सिखाए गए व्यावहारिक गुर; समाज के अंतिम छोर तक पहुँची पुलिस चौपालें


पुलिस मुख्यालय, भोपाल के दिशा-निर्देशानुसार आम नागरिकों को डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन अपराधों और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले खतरों से सुरक्षित रखने हेतु जिला सीधी में विशेष साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ निरंतर और प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी (IPS) के कुशल मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं समस्त अनुभागों के पुलिस अनुविभागीय अधिकारियों (SDOP) के सीधे पर्यवेक्षण में इस अभियान को अब जिले में एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दे दिया गया है।
​इसी तारतम्य में, साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से जिले भर की समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में मोर्चा संभाला। सीधी पुलिस द्वारा ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के प्रमुख बाजारों, चौकों, तिराहों, ग्राम पंचायतों तथा संवेदनशील बस्तियों में सघन जन-संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और युवाओं को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने की शपथ दिलाई गई तथा वित्तीय ठगी से बचाव के व्यावहारिक तरीके साझा किए गए।
​ ​अभियान के तहत जिले के समस्त थानों और चौकियों द्वारा जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया हैं।
किये गए जागरूकता कार्यक्रमों में मुख्य कार्यक्रम निम्न रहे : 
​थाना कोतवाली (कुचवाही बाजार): व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों, खरीददारों और ग्रामीणों को एकत्रित कर व्यापारिक लेनदेन व डिजिटल पेमेंट में होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति सचेत किया गया।
​थाना रामपुर नैकिन (ग्राम पंचायत करैल): ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और स्थानीय ग्राम वासियों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।
​चौकी पिपराँव, थाना रामपुर नैकिन (ग्राम अर्जुन नगर): चौकी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अर्जुन नगर में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सीख दी गई।
​थाना जमोड़ी (ग्राम अमरवाह): ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर कृषि ऋण, फर्जी लॉटरी फ्रॉड और फर्जी लिंक (Phishing) के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के संबंध में सघन रूप से जागरूक किया गया।
​थाना बहरी (ग्राम भितरी): ‘ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0’ के अंतर्गत विशेष शिविर लगाकर बुजुर्गों और युवाओं को अनचाहे कॉल और ओटीपी (OTP) साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई।
​थाना अजाक – AJK (ग्राम मधुरी पवई – हरिजन बस्ती): समाज के अंतिम छोर के नागरिकों के बीच जाकर अत्यंत सरल और स्थानीय भाषा में साइबर अपराधों से बचाव के तौर-तरीके सिखाए गए और सुरक्षात्मक पम्पलेट वितरित किए गए।
​थाना चुरहट (गुड तिराहा): प्रमुख मार्ग एवं तिराहे पर राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों की चौपाल लगाकर उन्हें डिजिटल भुगतान के समय बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया गया।
​महिला थाना (ग्राम पंचायत नौढ़िया): विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के बीच चौपाल लगाई गई। उन्हें सोशल मीडिया सुरक्षा, फेक प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग तथा महिला केंद्रित साइबर अपराधों से बचाव के कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
​थाना अमिलिया (ग्राम बिठौली): ‘सेफ क्लिक अभियान’ के तहत चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को डिजिटल साक्षरता और यूपीआई (UPI) पिन की गोपनीयता बनाए रखने की सीख दी गई।
​थाना मड़वास (मड़वास देहात क्षेत्र): अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ के तहत देहात के सुदूर क्षेत्रों में घर-घर संपर्क एवं सामूहिक संवाद के माध्यम से भ्रामक विज्ञापनों और फर्जी निवेश योजनाओं के खतरों से आगाह किया गया।
​पुलिस अधीक्षक सीधी, श्री संतोष कोरी का संदेश:
​”वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। साइबर अपराधियों का कोई भूगोल नहीं होता, वे आपकी एक छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाकर आपकी गाढ़ी कमाई पर सेंध लगा सकते हैं। ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को इतना जागरूक बनाना है कि वे स्वयं ही इन अपराधियों के झांसे में आने से बच सकें। सीधी पुलिस तकनीकी रूप से सक्षम है, परंतु जनता की सतर्कता ही इसका सबसे बड़ा रक्षा कवच है। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर क्लिक न करें, सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।”

​सीधी पुलिस द्वारा जारी अनिवार्य साइबर सुरक्षा चेतावनी एवं दिशा-निर्देश:
​गोपनीयता बनाए रखें: अपने बैंक खाते का पासवर्ड, यूपीआई (UPI) पिन, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर और सीवीवी (CVV) किसी भी परिस्थिति में किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर ऐसी जानकारियां नहीं मांगता।
​ओटीपी (OTP) सुरक्षा: मोबाइल पर आने वाले किसी भी वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को किसी अन्य व्यक्ति को न बताएं, भले ही वह खुद को बैंक अधिकारी, बिजली विभाग का कर्मचारी या कूरियर बॉय क्यों न बताए।
​संदिग्ध लिंक से दूरी: व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर प्राप्त होने वाले अज्ञात और प्रलोभनकारी लिंक्स (जैसे- मुफ्त रीचार्ज, लॉटरी जीतना, पार्ट-टाइम जॉब) पर भूलकर भी क्लिक न करें। यह आपके डिवाइस को हैक कर सकते हैं।
​पार्ट-टाइम जॉब और निवेश के झांसे: टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर घर बैठे मोटी कमाई करने वाले कतिपय टास्क-बेस्ड जॉब और अनधिकृत ऐप के जरिए निवेश के झांसे से पूरी तरह दूर रहें।
​त्वरित सहायता हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर – 1930:
​यदि किसी नागरिक के साथ किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) घटित होती है, तो वे बिना समय गंवाए तत्काल भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त नागरिक आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को अपराधियों के बैंक खातों में होल्ड कराया जाना संभव होता है।

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